हिंदी-दिवस
अक्सर कहा जाता है कि जैसा देश वैसा भेष अर्थात् हम जिस देश में रहते है हमें वहीं की संस्कृति, जलपान, वस्त्र, बोली और भाषा को अपना लेना चाहिए। ऐसा करने से ना ही आप स्वयं को वहां की गतिविधियों से जुड़ा हुआ महसूस करते है बल्की नए रीति रिवाजों से भी रूबरू होने का सुनहरा अवसर प्राप्त होता है। हर देश की संस्कृति के साथ साथ उसकीअपनी एक भाषा होती है।
भाषा शब्द संस्कृत के ‘भाष्’ शब्द से बना है जिसका अर्थ है बोलना या कहना अर्थात् भाषा वह है जिसे बोला जाय। यूं तो हमारे देश में कई भाषाएं है परंतु हिंदी हमारी राष्ट्रभाषा है। देश में करीब ७७ प्रतिशत से भी ज्यादा लोग हिंदी पढ़ते, लिखते, बोलते और समझते हैं।
इसी भाषा का मान रखते हुए हम हर साल इसे, आज यानी १४ सितंबर को हिंदी दिवस के रूप में मानते है। आज़ादी के दो साल के बाद यानी १५ सितंबर १९४९ को हिंदी हमारी राष्ट्रभाषा घोषित की गई। इसी महत्वपूर्ण निर्णय के महत्व को प्रतिपादित करने तथा हिन्दी को हर क्षेत्र में प्रसारित करने के लिये वर्ष १९५३ से पूरे भारत में १४ सितम्बर को प्रतिवर्ष हिंदी-दिवस के रूप में मनाया जाता है।
इस दिवस पर स्कूल और कॉलेजों में कई प्रकार की प्रतियोगिाएं होती है जैसे की निबंध लेखन, वाद – विवाद, हिंदी कविता आदि जिसमें छात्र – छात्राएं हिंदी के प्रति अपनी रुचि और योगिता जाहिर करते है परन्तु जब हमारे काबिल बच्चें अपने अपने क्षेत्रों में कदम रख उसकी नैया में सवार होने लगते है तो हिंदी भाषा के मूल्य कहीं खोने लगते है।
क्या ये भाषा सिर्फ प्रतियोगिताओं का जरिया रह गया जिससे हम हर साल एक दिवस के रूप में मनाते है और फिर अपने व्यस्त जीवन में मशूहल होजाते है?  या वाकई इसके मान्य हम अपने और अपनी पीढ़ियों के जीवन में ला सकते है?
हिंदी का साहित्य दुनिया के सबसे समृद्ध साहित्य में गिना जाता है। हिंदी के कई साहित्यकारों ने अपनी भाषा के प्रति प्रेम के लिए लोगों को प्रेरित किया है। हिंदी पूरे विश्व में चौथी सबसे ज्यादा बोली जाने वाली भाषा है।
हिंदी की खास बात यह है कि इसमें जिस शब्द को जिस प्रकार से उच्चारित किया जाता है, उसे लिखा भी उसी प्रकार जाता है। वहीं दूसरी ओर भारत में अन्य कई भाषाएं विलुप्त हो रही हैं। ऐसे में हिंदी की महत्ता बताने और प्रचार-प्रसार के लिए हिंदी दिवस को मनाया जाता है। तो क्यों ना  हम आप भी मिलकर अपनी राष्टरभाषा को बढ़ावा देते हुए अपनी पीढ़ियों को इसके महत्व के बारे में बताए और ज़्यादा से ज़्यादा हिंदी भाषा का प्रयोग करने के लिए प्रेरित करे क्यूंकि –
हिंदी से हिन्दुस्तान है
तभी तो यह देश महान है,
निज भाषा की उन्नति हों
यही  सबका अरमान है। 🙏
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