Navratri
नवरात्रि यानी कि नौ रातेें। हिन्दू धर्म का अत्यंत महत्वपूर्ण मनाया जाने वाला त्योहार जो साल में दो बार आता है और पूरे नौ दिनों तक मनाया जाता है। शक्ति की प्रतीक मां दुर्गा की उपासना का पर्व है नवरात्रि। नौ दिनों तक मनाये जाने वाले इस पर्व में प्रत्येक दिन मां दुर्गा के विभिन्न नौ रूपों की पूजा की जाती है। माता के यह नौ रूप हैं− श्री शैलपुत्री, श्री ब्रह्मचारिणी, श्री चंद्रघंटा, श्री कूष्मांडा, श्री स्कंदमाता, श्री कात्यायनी, श्री कालरात्रि, श्री महागौरी और श्री सिद्धिदात्री। भारतीय संस्‍कृति में देवी को ऊर्जा का स्रोत माना गया है। अपने अंदर की ऊर्जा को जागृत करना ही देवी उपासना का मुख्‍य प्रयोजन है। नवरात्रि मानसिक, शारीरिक और अध्‍यात्‍मिक शक्ति का प्रतीक है। इसलिए हजारों वर्षों से लोग नवरात्रि मना रहे हैं। देश के विभिन्‍न हिस्‍सों में इस त्‍योहार को अलग-अलग तरीकों से मनाया जाता है। कुछ लोग पूरी रात गरबा और आरती कर नवरात्र का व्रत रखते हैं तो वहीं कुछ लोग व्रत और उपवास रख मां दुर्गा और उनके नौ रूपों की पूजा-आराधना करते हैं |
 
इन पूजन सामग्रियों की होती है जरूरत
एक चोकी, लाल कपड़ा, कलश, जल, रोली, मोली, चावल, फूल, अबीर, गुलाल, सिंदूर, धूप, दीपक, कपूर, पान-सुपारी, जौ, नारियल, जयफल, लौंग, बताशे, आम के पत्ते, केले, घी, अगरबत्ती, माचिस, मिश्री, ज्योत, मिट्टी का बर्तन, एक छोटी चुनरी, माता का श्रृंगार का सामान, देवी की प्रतिमा या फोटो, उपला, सूखे मेवे, मिठाई, लाल फूल, गंगाजल और दुर्गा सप्तशती या दुर्गा स्तुति आदि।
वास्तु शास्त्र के मुताबिक घर का पूजा स्थल हमेशा उत्तर-पूर्व दिशा में होना चाहिए। घर की उत्तर-पूर्व दिशा में घटस्थापना करें। चौकी पर लाल रंग का वस्त्र बिछाकर कुमकुम से एक स्वास्तिक बनाएं। इसके बाद मां दुर्गा की प्रतिमा को स्थापित कर अखंड ज्योति जगाएं।

नवरात्रि में नौ रंगों का महत्व

नवरात्रि के हर दिन का एक रंग तय होता है. मान्यता है कि इन रंगों का उपयोग करना शुभ होता हैं।

  • प्रतिपदा- पीला
  • द्वितीया- हरा
  • तृतीया- भूरा
  • चतुर्थी- नारंगी
  • पंचमी- सफेद
  • षष्टी- लाल
  • सप्तमी- नीला
  • अष्टमी- गुलाबी
  • नवमी- बैंगनी

नवरात्री व्रत पर बनाये जाने वाले कुछ व्यंजन    

  • कुट्टू के पकोड़े: इन नवरात्रों में सामान्य कुट्टू की पूड़ियो और आलू के पकोड़े बनायें। ठंडी दही के साथ खाएं।
  • साबूदाना खिचड़ी: साबूदाना में स्टार्च या कार्बोहाइड्रेट होता है जो उपवास के दौरान आपको आवश्यक ऊर्जा देता है। साबूदाना की खिचड़ी साबूदाना, मूंगफली, आलू और हल्के मसालों के साथ बनाए।
  • सिंगाड़े के आटे का हलवा
  • आलू का हलवा, चाय के साथ खाने वाला, एक स्वादिष्ठ व्यंजन।
  • समा के चावल की मखाना खीर: डेसर्ट ज़िन्दगी में उत्साह लाते हैं। यह खीर मखाना और नट्स के साथ बनाई जाती है।
  • सीताफल का रायता सुखी अरबी के साथ
  • आलू की मसालेदार चटपटी चाट
  •  ताज़े फलों की चाट
  • केले अखरोट की लस्सी: इस पौष्टिक पेय के साथ अपने आप को चार्ज करें। यह लस्सी दही, केला, शहद और अखरोट को मिला कर बनाई जाती हैं।
  • कबाब-ए-केला: उपवास अब उबाऊ नहीं होगा मसालेदार केले कबाब जो पूरी तरह से आपके मुंह में पिघल जाते हैं।

सुख, शान्ति और समृद्धि की मंगलमय कामनाओं के साथ आप और आपके परिवार को शारदीय नवरात्र की हार्दिक मंगल कामनाएं। मां दुर्गा आपको सुख समृद्धि वैभव ख्याति प्रदान करें।

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